सुशासन एवं शैक्षिक नेतृत्व कार्यशाला में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर मंथन

  • शिक्षा व्यवस्था का मूल उद्देश्य बच्चों का वास्तविक अधिगम सुनिश्चित करना: पार्थ सारथी सेन

सीतापुर (पंच पथ न्यूज़)। बेसिक शिक्षा विभाग, द्वारा स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट (एसआईआरडी), लखनऊ में सुशासन एवं शैक्षिक नेतृत्व कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य खंड शिक्षा अधिकारियों एवं शैक्षणिक मेंटर्स को आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए साझा शैक्षणिक दृष्टि, प्रभावी रणनीति और नेतृत्व कौशल से सशक्त बनाना था।

कार्यक्रम को संबोधित करतीं मुख्य विकास अधिकारी डॉ० दीक्षा जोशी

कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीक्षा जोशी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा रहे। कार्यशाला का आयोजन भारतीय प्रबंधन संस्थान, लखनऊ एवं सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन के सहयोग से किया गया।
अपने संबोधन में पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का मूल उद्देश्य बच्चों का वास्तविक अधिगम सुनिश्चित करना है। उन्होंने कक्षा स्तर से पीछे चल रहे विद्यार्थियों के लिए कैच-अप शिक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा निपुण भारत मिशन के अगले चरण की तैयारी के लिए परिणामोन्मुख प्रयास करने का आह्वान किया।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीक्षा जोशी ने शिक्षा व्यवस्था में प्रेरणादायी एवं सकारात्मक कार्य संस्कृति विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि ब्लॉक स्तर पर पीयर लर्निंग समूह बनाए जाएं, ताकि उत्कृष्ट कार्यों, नवाचारों और सफल प्रयोगों को साझा कर एक-दूसरे से सीखने की संस्कृति विकसित हो और शैक्षणिक सुधार को गति मिल सके।

कार्यशाला में जनपद एवं ब्लॉक स्तर की शैक्षणिक प्राथमिकताओं, रणनीतियों तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक मॉनिटरिंग एवं सहयोग तंत्र पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही इस बात पर विशेष बल दिया गया कि खंड शिक्षा अधिकारियों की भूमिका केवल प्रशासनिक निरीक्षण तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण एवं प्रभावी अधिगम सुनिश्चित करने में उनकी सक्रिय भागीदारी हो।
यह कार्यशाला जनपद सीतापुर की एक अभिनव पहल मानी जा रही है, जिसमें प्रशासनिक नेतृत्व के साथ-साथ शैक्षणिक नेतृत्व को भी समान महत्व देते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।

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