
- पहले रेलिंग न होने से जा चुकी हैं कई जानें, अब क्षतिग्रस्त पुल से बढ़ी लोगों की चिंता
- नेशनल हाईवे से जुड़े इस मार्ग पर रोजाना गुजरते हैं सैकड़ों वाहन, जिम्मेदार विभाग अब भी बेखबर
खैराबाद/सीतापुर (पंच पथ न्यूज़)। नेशनल हाईवे से जुड़े लखीमपुर जाने वाले नैपालापुर मार्ग पर बना ओवरब्रिज इन दिनों बदहाली और लापरवाही की मिसाल बनता जा रहा है। पुल के कई हिस्सों में क्षति, सड़क की उखड़ी सतह और जर्जर ढांचे ने राहगीरों व वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ओवरब्रिज का हाल यह है कि इस ओवरब्रिज से परतें उखड़ अब सरिया दिखाई देने लगी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की हालत लगातार खराब होती जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और अधिकारी अब भी मूकदर्शक बने हुए हैं। लोगों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि जब पहले भी इस पुल पर सुरक्षा के अभाव में कई लोगों की जान जा चुकी है, तब भी प्रशासन ने कोई स्थायी समाधान नहीं किया। नेपालापुर मार्ग का यह ओवरब्रिज क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, स्कूली बच्चे, नौकरीपेशा लोग और छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। पुल की वर्तमान स्थिति को देखकर लोगों में दहशत का माहौल है। कई जगह पुल की सतह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और किनारों की हालत भी खराब बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पुल पहले भी अपनी लापरवाही भरी व्यवस्था के कारण चर्चा में रहा है। पुल पर रेलिंग न होने के कारण अतीत में कई लोगों की जान जा चुकी है। उस समय भी क्षेत्रीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई थी, तब रेलिंग तो लग गयी थी । अब एक बार फिर पुल की जर्जर हालत ने पुराने जख्म ताजा कर दिए हैं और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। राहगीरों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को पुल की बदहाल स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। न तो पुल की मरम्मत शुरू हुई और न ही दुर्घटना से बचाव के लिए चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग या अन्य सुरक्षा इंतजाम किए गए। इससे हर गुजरने वाले व्यक्ति के मन में अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
क्षेत्रीय लोगों ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांग की है कि ओवरब्रिज का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराई जाए और सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो किसी दिन यह लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह संबंधित विभाग और अधिकारियों की होगी।



