सरायन नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर, कई परिवारों ने छोड़े घर, अंसारी टोले में लोगों की सेहत पर बना खतरा

  • बाढ़ के पानी से घिरे मोहल्ले, गंदगी और बदबू ने बढ़ाई परेशानी
  • स्वास्थ्य सुविधाओं और छिड़काव की माँग

सीतापुर (पंच पथ न्यूज़)। सरायन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से सीतापुर शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। नदी का पानी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचने और कई घरों में घुसने से शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तरीनपुर, अंसारी टोला और कैंचीपुल के आसपास का इलाका बढ़े जलस्तर की चपेट में है।

लगातार बढ़ते पानी के चलते कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कुछ लोगों ने रिश्तेदारों के घरों में शरण ली है, जबकि कई परिवार अपने घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं। घर छोड़ने वाले लोगों के सामने रहने के साथ-साथ भोजन और पेयजल जैसी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की भी चुनौती खड़ी हो गई है।घरों में पानी घुसने से बढ़ी मुश्किलें
बाढ़ जैसे हालात ने स्थानीय लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है। पानी से घिरे इलाकों में लोगों को आवागमन, भोजन, पीने के पानी और सुरक्षित ठिकाने को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के साथ उनकी चिंता भी लगातार बढ़ रही है।

हालांकि जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए शेल्टर होम में रहने और खाने की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद कई लोग अपने घरों और सामान की सुरक्षा को लेकर प्रभावित इलाकों में ही रुके हुए हैं।

गंदगी और बदबू से स्वास्थ्य पर खतरा
जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में गंदगी और बदबू की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि गंदे पानी और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ सकता है, जिससे डेंगू, मलेरिया समेत अन्य बीमारियों का खतरा पैदा हो सकता है।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भेजकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कराई जाए। साथ ही जरूरी दवाओं और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

कीटनाशक दवाओं के छिड़काव की मांग
स्थानीय लोगों ने जलभराव वाले क्षेत्रों में कीटनाशक और मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव कराने की भी मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते साफ-सफाई और दवा का छिड़काव कराया गया तो गंदे पानी से पैदा होने वाली बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सरायन नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने शहर के नदी किनारे बसे इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब लोगों की नजर जिला प्रशासन की राहत और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर है, ताकि बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य की भी समुचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके।

Related Articles

Back to top button