सिर्फ ख़बर नहीं असर भी : बढ़ते जलस्तर के बीच ज़मीनी हक़ीक़त जानने पहुंचे एडीएम व एसडीएम

  • तरीनपुर, अंसारी टोला और कैंची पुल के आसपास की स्थिति का लिया जायजा
  • बाढ़ से प्रभावित लोगों को कब मिलेगी सरकारी मदद ?, बना बड़ा सवाल
  • शेल्टर होम में इन्तेज़ाम पूरे

सीतापुर (पंच पथ न्यूज़)। सरायन नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। गुरुवार सुबह अपर जिलाधिकारी न्यायिक खालिद अंजुम और एसडीएम सदर डॉ. जनार्दन कुमार ने तरीनपुर, अंसारी टोला, व कैंची पुल के आसपास बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जलभराव की स्थिति और प्रभावित परिवारों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अंसारी टोला में एक मकान पर पहुंचकर आसपास के इलाके की स्थिति देखी। एडीएम खालिद अंजुम ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम, लेखपाल और कानूनगो लगातार मौके पर निगरानी कर रहे हैं। सरायन नदी का जलस्तर बढ़ने से कई घरों में पानी पहुंचने की स्थिति को देखते हुए वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए कजियारा में शेल्टर होम बनाया गया है, जहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करते हुए शेल्टर होम में रहें। वहीं, अन्य घरों में फिलहाल पानी न होने की जानकारी दी गई।हालांकि अधिकारी आए व्यवस्था का जायज़ा लिया स्थलीय निरीक्षण किया लेकिन पीड़ितों को शासन प्रशासन की तरफ से सरकारी योजनाओं के राहत सामग्री या किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं दी गई। जबकि कई परिवार छतों पर रहने को मजबूर हैं। बाढ़ राहत कोष के तहत भी बढ़े जलस्तर वाले क्षेत्रों में पीड़ितों को कोई सहायता नही मिल रही है।प्रशासन की ओर से लगातार नदी के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। शारदा और घाघरा नदी का जलस्तर स्थिर बताया गया है, जबकि सरायन नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है।

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