
- OHMS ALPHA 0.5 और TRADOL नाम से बेची जा रही थी दवा
- Maxilla Medisciences, Life Max Cancer laboratories, OHMS Medicare, Rusan Pharma कंपनी के थे प्रोडक्ट
सीतापुर (पंच पथ न्यूज़)। सोमवार को ड्रग इंस्पेक्टर अनीता कुरील ने नगर कोतवाली पुलिस संग मिलकर अवैध तरीके से बेची जा रहीं नारकोटिक्स दवाओं को लेकर बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने भारी मात्रा में NRX दवाओं के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार करवाया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से Alprazolam Tablets I.P. 0.5 mg की कुल 2400 टैबलेट, Tramadol Hydrochloride Injection के 80 एम्प्यूल तथा दवाओं की बिक्री से प्राप्त बताए गए ₹11,700 नकद बरामद किए गए हैं।
कोहना चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक राम चन्द्र यादव अपनी टीम के साथ अपने हल्के में सुरक्षा व्यवस्था देख रहे थे इसी दौरान क्षेत्रीय औषधि निरीक्षक अनीता कुरील भी मौके पर पहुंचीं। पुलिस और औषधि निरीक्षक प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री करने वाले लोगों के संबंध में बातचीत कर रहे थे।
इसी दौरान एक मुखबिर ने सूचना दी कि सिटी स्टेशन रोड स्थित मोहल्ला कजियारा में एक व्यक्ति अवैध दवाएं और इंजेक्शन बेचने की फिराक में है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मुखबिर को साथ लेकर बताए गए स्थान की ओर रुख किया। मुखबिर ने नीली फूलदार शर्ट और सफेद पैंट पहने, हाथ में कपड़े का झोला लिए एक व्यक्ति की ओर इशारा करते हुए बताया कि उसके पास अवैध दवाएं हैं। पुलिस टीम और औषधि निरीक्षक जैसे ही संदिग्ध व्यक्ति की ओर बढ़े, वह भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर पानी की टंकी, कजियारा के पास घेराबंदी करते हुए उसे पकड़ लिया।
पूछताछ और तलाशी के दौरान पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम विश्वास मिश्रा पुत्र जगदेव प्रसाद मिश्रा, निवासी तरीनपुर बताया। उसके पास झोले से अल्प्राजोलम टैबलेट और ट्रमाडाल इंजेक्शन बरामद हुए। बरामद दवाओं के पैकेटों पर अलग-अलग बैच नंबर, निर्माण एवं एक्सपायरी तिथियां तथा निर्माता कंपनियों का विवरण अंकित था। पुलिस के अनुसार इन दवाओं को चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर अधिकृत दवा विक्रेताओं के माध्यम से ही खरीद-बिक्री किया जाना निर्धारित है। अब देखने वाली बात यह होगी कि पकड़े गए व्यक्ति को इतनी भारी मात्रा में दवाएं बेच कौन रहा था ? वह सीतापुर के कौन से दवा कारोबारी है जो इस काले खेल में शामिल हैं। हालांकि सूत्रों की माने तो अगर सही दिशा में जाँच चलती रहे तो सीतापुर के कई बड़े दवा कारोबारी भी बेनकाब हो सकते हैं। सफेद कॉलर के कारोबार में काले खेल खेले जा रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने यह भी बताया कि वह पूर्व में कई वर्षों तक अलग-अलग मेडिकल एजेंसियों पर काम कर चुका है और करीब एक वर्ष से गोलू नामक व्यक्ति के माध्यम से दवाएं खरीदकर मेडिकल स्टोरों पर कमीशन के आधार पर बेचता था। यहाँ पर गौर करने वाली बात यह है कि यह व्यक्ति आखिर किन किन लोगों से जुड़ा था और कहाँ कहाँ से दवाएं खरीद रहा था ?
औषधि निरीक्षक ने की दवाओं की जांच
मौके पर मौजूद क्षेत्रीय औषधि निरीक्षक अनीता कुरील ने बरामद दवाओं को देखकर पुलिस को बताया कि बरामद Alprazolam और Tramadol दवाएं स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थों से संबंधित श्रेणी में आती हैं। पुलिस के अनुसार बरामद Alprazolam की मात्रा करीब 240 ग्राम बताई गई, जो 100 ग्राम की सीमा से अधिक होने के कारण वाणिज्यिक मात्रा की श्रेणी में आती है।
जांच के लिए दवाओं के नमूने लिए गए
पुलिस के अनुसार बरामद Alprazolam की दो अलग-अलग बैचों की दवाओं में से 75-75 टैबलेट के नमूने तथा Tramadol Hydrochloride Injection में से 70 एम्प्यूल औषधि निरीक्षक द्वारा मौके से जांच के लिए लिए गए। शेष 1800 Alprazolam टैबलेट, 10 Tramadol इंजेक्शन और ₹11,700 नकद पुलिस ने कब्जे में लेकर सुरक्षित किया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि प्रतिबंधित दवाओं की कथित सप्लाई कहां से हो रही थी और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।



