
सीतापुर (पंच पथ न्यूज़)। मनरेगा बहाली और डीपीआरओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को गांधी पार्क से विकास भवन तक पदयात्रा निकालकर विशाल रैली और सभा का आयोजन किया। पदयात्रा का नेतृत्व शिवप्रकाश सिंह, रत्नम राठौर, सुनीला रावत, सुनीता चौधरी और रोशनी गुप्त ने किया।
विकास भवन परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के मनरेगा संयोजक शिवप्रकाश सिंह ने कहा कि यदि मनरेगा को बहाल नहीं किया गया तो जन आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर मनरेगा को खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता रत्नम राठौर ने डीपीआरओ सीतापुर के जनविरोधी रवैये पर नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। साथ ही मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने का भी विरोध किया।
मजदूर नेता सुनीला रावत ने मनरेगा मजदूरों के साथ जिले में भेदभावपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया। हसीना खातून ने महिलाओं पर हो रहे हमलों पर चिंता व्यक्त की। सुनीता चौधरी ने विकास योजनाओं की उपेक्षा का मुद्दा उठाया, जबकि रोशनी गुप्त ने नागरिक अधिकारों की अनदेखी पर सवाल खड़े किए।
पिछड़ा प्रकोष्ठ कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश पाल ने राज्य सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताया। डॉ. आर.पी. बर्मा ने सरकार को किसान विरोधी करार दिया। जिला प्रवक्ता एहिताशाम बेग ने सरकार की नीतियों की आलोचना की, वहीं राधेश्याम कनौजिया ने महिला उत्पीड़न की घटनाओं पर चिंता जताई। दलित प्रकोष्ठ अध्यक्ष विष्णु गौतम ने राज्य सरकार पर दलित विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया।
सभा के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। नगर मजिस्ट्रेट और डीसी मनरेगा ने डीपीआरओ के खिलाफ दिए गए ज्ञापन पर एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भेजने की घोषणा की।
इस दौरान अशोक बघेल, हफीज गाजी, अनुपम राठौर, अंकित भार्गव, हसीना खातून, राहुल पाल सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।



