
सीतापुर/लखनऊ (पंच पथ)। अवध की ऐतिहासिक, शैक्षणिक और साहित्यिक परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से महान स्वतंत्रता सेनानी और प्रख्यात विद्वान अल्लामा फजल-ए-हक खैराबादी की याद में 12 फरवरी को एक विशेष कार्यक्रम “दास्तान-ए-फजल-ए-हक खैराबादी” का आयोजन किया जाएगा। यह गरिमामय कार्यक्रम शाम 6 बजे लखनऊ स्थित रशीद बारादरी, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया में आयोजित होगा।
कार्यक्रम का आयोजन ‘बज्म-ए-उर्दू सीतापुर’ और ‘आस इनिशिएटिव’ के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार इस शैक्षणिक एवं साहित्यिक सभा का उद्देश्य युवाओं को अल्लामा फजल-ए-हक खैराबादी के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, उनके अदम्य साहस और उर्दू साहित्य व इस्लामी शिक्षाओं के क्षेत्र में किए गए विद्वतापूर्ण कार्यों से परिचित कराना है।
बज्म-ए-उर्दू सीतापुर के संयोजक खुश्तर रहमानी ने बताया कि अल्लामा फजल-ए-हक खैराबादी केवल एक महान आलिम ही नहीं थे, बल्कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी चेहरों में शामिल थे। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज बुलंद की और काले पानी जैसी कठोर सजा भुगतने के बावजूद अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
उन्होंने उर्दू प्रेमियों, इतिहासकारों, शिक्षाविदों और राष्ट्रप्रेमियों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर अपने गौरवशाली इतिहास से जुड़ें और इस आयोजन को सफल बनाएं।
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में वक्ताओं द्वारा अल्लामा की जीवनगाथा, उनके विचारों और देशभक्ति के जज़्बे पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा। साथ ही साहित्यिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उनकी विरासत को याद किया जाएगा।
मुख्य विवरण:
तिथि: 12 फरवरी 2026
समय: शाम 6:00 बजे
स्थान: रशीद बारादरी, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया, लखनऊ
आयोजक: बज्म-ए-उर्दू सीतापुर एवं आस इनिशिएटिव
यह कार्यक्रम न केवल एक श्रद्धांजलि सभा होगा, बल्कि नई पीढ़ी को अपने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल भी साबित होगा।



