
- 12 राज्यों में फैले सिंडिकेट का किया था भंडाफोड़, जिंदा लोगों को कागजों में मृत दिखाकर हड़पते थे बीमा की रकम, हत्या को दुर्घटना का दिया जाता था रूप
(पंच पथ न्यूज़) उत्तर प्रदेश के संभल में तैनाती के दौरान 100 करोड़ रुपये से अधिक के अंतरराज्यीय बीमा घोटाले का पर्दाफाश करने वाली आईपीएस अधिकारी अनुकृति शर्मा को केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक से सम्मानित किया जाएगा। 12 राज्यों तक फैले इस संगठित गिरोह का खुलासा कर उन्होंने पुलिस महकमे में अपनी अलग पहचान बनाई थी। इस मामले में जांच के दौरान 50 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी, जबकि बाद की रिपोर्टों में गिरफ्तारियों का आंकड़ा 68 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई थी।
पुलिस जांच में इस गिरोह के काम करने का बेहद खौफनाक तरीका सामने आया था। गिरोह के सदस्य बीमा कंपनियों से मोटी रकम हासिल करने के लिए जिंदा लोगों को सरकारी दस्तावेजों में मृत दर्शाते थे। फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार कर बीमा क्लेम किया जाता था। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में बीमा की रकम हासिल करने के लिए लोगों की हत्या तक कर दी गई और हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देकर बीमा कंपनियों से करोड़ों रुपये वसूलने की साजिश रची गई।
जांच में सामने आया कि यह कोई सामान्य धोखाधड़ी नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैला संगठित सिंडिकेट था। इसके तार बीमा एजेंटों, बिचौलियों और अन्य संदिग्ध लोगों से जुड़े मिले। पुलिस ने इस मामले में कई एफआईआर दर्ज कीं। जांच के दौरान फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्रों और वास्तविक दस्तावेजों में हेराफेरी के मामले भी सामने आए। चार हत्याओं से जुड़े मामलों का खुलासा इस पूरे प्रकरण का सबसे गंभीर पहलू रहा।
इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने में आईपीएस अनुकृति शर्मा की अहम भूमिका रही। संभल में अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनाती के दौरान उन्होंने इस मामले की जांच को आगे बढ़ाया और अलग-अलग राज्यों में फैले गिरोह की कड़ियों को जोड़कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी संबंधित दस्तावेजों और एफआईआर की जानकारी मांगी थी।
अनुकृति शर्मा वर्ष 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश कैडर में कार्यरत हैं। फिलहाल वह गौतमबुद्धनगर (नोएडा) पुलिस कमिश्नरेट में अपर पुलिस उपायुक्त के पद पर तैनात हैं। उनकी इस उपलब्धि को संगठित अपराध और आर्थिक अपराध की जटिल जांच के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम के तौर पर देखा जा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से वर्ष 2026 के केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक के लिए देशभर के 490 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का चयन किया गया है। इनमें 358 को विशेष अभियान, 123 को विवेचना और नौ को फोरेंसिक साइंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए चुना गया है। उत्तर प्रदेश के 22 पुलिसकर्मियों को भी इस सम्मान के लिए चयनित किया गया है।
एक ऐसे दौर में जब अपराधी तकनीक और फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपराध को अंजाम दे रहे हैं, अनुकृति शर्मा की जांच ने यह साबित किया है कि सतर्कता, सूझबूझ और पेशेवर पुलिसिंग के दम पर देश के कई राज्यों में फैले बड़े से बड़े आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सकता है।



