- दवा बाज़ार के हब में प्रशासन ने लगाया पहरा
- अचानक हुई कार्यवाई से दुकानदारों में भय का माहौल
- आधे दिन तक चलती रही गहमा गहमी, दुकानदारों की धड़कनें रहीं बढ़ती
- ड्रग इंस्पेक्टर के जाते ही दुकानदारों ने ली राहत की सांस
सीतापुर (पंच पथ न्यूज़)। जनपद में अधोमानक और संदिग्ध दवाओं की बिक्री पर शिकंजा कसने के लिए गुरुवार को ड्रग इंस्पेक्टर अनीता कुरील ने शहर के प्रमुख दवा बाजार ग्रीक गंज में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। शहर के दवा कारोबार का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले ग्रीकगंज चौराहे पर हुई इस कार्रवाई से दवा कारोबारियों में हड़कंप मच गया और अफरा तफरी का माहौल देखने को मिला।
ड्रग इंस्पेक्टर अनीता कुरील ने टीम के साथ कई मेडिकल स्टोर्स पर पहुंचकर दवाओं की खरीद-फरोख्त, स्टॉक रजिस्टर, बिल और लाइसेंस संबंधी अभिलेखों की गहनता से जांच की। निरीक्षण के दौरान दवाओं के रखरखाव, एक्सपायरी डेट और संदिग्ध दवाओं को लेकर भी जांच पड़ताल की गई। ड्रग इंस्पेक्टर ने मेडिकल स्टोरों से दवाई के नमूने भी भरे। बताया जा रहा है कि ड्रग इंस्पेक्टर के साथ लखनऊ की भी एक टीम मौजूद थी और साथ मे आबकारी अधिकारी भी मौजूद थे।
ड्रग इंस्पेक्टर अनीता कुरील ने ग्रीक गंज में ए आर मेडिकल एजेंसी से जाँच की शुरुआत की जहाँ उन्होंने कुछ ज़रूरी कागज़ात मांगे व स्टॉक चेक किया जो कि दुकानदार ने उनको उपलब्ध करा दिये करीब डेढ़ घंटे चली जाँच में ऐसी कोई बात निकल कर सामने नहीं आई। उसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने चौराहे की तरफ रुख किया और विनायक मेडिकल्स और गुड्डू मेडिकल स्टोर के वहाँ जाँच की।
बताया ये भी जा रहा है कि नकली एवं बिना मानक की दवाओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह अभियान चलाया गया। अचानक हुई इस कार्यवाई से लोगों में डर और भय का माहौल भी दिखा। सूचना मिलते ही दवा यूनियन के पदाधिकारी भी अन्य दवा दुकानदारों के साथ माहौल का जायज़ा लेने मौके पर पहुंच गए। ड्रग इंस्पेक्टर के साथ मे एक अन्य ड्रग इंस्पेक्टर, आबकारी अधिकारी, एवं 4 6 पुलिस वालों के बाजार पहुंचते ही कई दुकानदारों में खौफ का माहौल देखने को मिला और कुछ दुकानदार अपनी दुकानों के दस्तावेज व्यवस्थित करते नजर आए। जानकारों का कहना है कि ड्रग इंस्पेक्टर को लखनऊ से आदेश मिले हैं कि हर एक दुकान का भौतिक सत्यापन करना है। जिससे ये पता लगाया जा सके कि जो कागज़ों में दुकान और कारोबार दर्ज है वो असल मे धरातल पर मौजूद है कि नहीं और अगर मौजूद है तो क्या वो कागज़ और मानकों के हिसाब से चल रहा है कि नहीं।
कार्रवाई के दौरान आबकारी विभाग के अधिकारी समेत अन्य संबंधित विभागों की टीमें भी मौजूद रहीं। संयुक्त रूप से चलाए जा रहे इस अभियान में दवा दुकानों के लाइसेंस, प्रतिबंधित दवाओं की उपलब्धता और नियमों के पालन की भी जांच की गई।
यह जांच अभियान दोपहर बाद तक जारी रहा और नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।



