दिल्ली (पंच पथ न्यूज़)। मंगलवार को संसद से सड़क पर जबरदस्त कोहराम देखने को मिला। विपक्षी पार्टियों ने एकजुट होकर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर हमला बोला और नारेबाजी की। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी, समेत तमाम सांसद शामिल रहे। सभी ने एक जुट होकर SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की।

सांसदों को जहाँ जहाँ रोका गया वो वहीं सड़क पर बैठ कर नारेबाजी करने लगे और लगातार ज्ञानेश कुमार के बर्खास्तगी की मांग करने लगे। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी को बैरिकेटिंग फांद कर आगे बढ़ते भी देखा गया।

विरोध प्रदर्शन के दौरान सपा मुखिया अखिलेश यादव समेत तमाम सपा सांसदों को दिन में ही डिटेन कर बस में बैठा दिया गया और उनको अलग लेजाया गया।

राहुल गांधी और प्रियंका चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे ही वाले थे कि उन्हें आकाशवाणी बिल्डिंग में ही रोक लिया गया। राहुल और प्रियंका पीछे के रास्ते चुनाव आयोग में घुसना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन्हें उससे पहले ही रोक लिया और वह लोग वहीं धरने पर बैठ गए।





करीब आठ घंटे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी परिसर में पेड़ के नीचे धरने पर बैठे रहे उनके साथ कांग्रेस के कई बड़े नेता, के सी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, रवनीत सिंह बिट्टू, इमरान प्रतापगढ़ी समेत भारी तादात में कांग्रेसी मौजूद रहे। देर शाम होते ही राहुल गांधी और प्रियंका गांधी तमाम नेताओं को वहाँ से ज़बरदस्ती डिटेन कर ले जाया गया।

डिटेन किये जाने और बस में बिठाने के बाद भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बाहर आने की खिड़की से कूदने की लगातार कोशिश करते रहे। लेकिन वो सफल नहीं हो सके आखिर में उन्हें धरना स्थल से दूर ले जाया गया।



