दरियों का सजा बाज़ार, विदेशों समेत देश भर से पधारे मेहमान, दरी व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

  • जर्मनी से वेरना, साउथ कोरिया से यून, जापान से किमीजोन समेत अन्य देशों से पधारे विदेशी मेहमान
  • कार्यक्रम का हुआ भव्य शुभारंभ, जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने की शुरुआत
  • दरी बनाने के 2 लाइव डेमो स्टाल लगाए गए

सीतापुर (पंच पथ न्यूज़)। उत्तर प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी एक जनपद-एक उत्पाद योजना के अंतर्गत जनपद के पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद दरी के विकास, संवर्धन एवं वैश्विक प्रचार-प्रसार हेतु दो दिवसीय प्रथम क्रेता-विक्रेता सम्मेलन (Buyer & Seller Meet) का भव्य आयोजन दिनांक 24 एवं 25 अक्टूबर 2026 को सीतापुर शिक्षा संस्थान, रस्यौरा,  में प्रारंभ हो गया है।कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि मंत्री (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, उ०प्र०) भूपेन्द्र सिंह चौधरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन) मनोज कुमार सिंह, राज्यमंत्री सुरेश राही, विधायक ज्ञान तिवारी, मनीष रावत, रामकृष्ण भार्गव, आशा मौर्य, महोली शशांक त्रिवेदी, पवन सिंह चौहान, नेहा अवस्थी, एस०पी० सिंह, जिलाधिकारी डॉ० राजागणपति आर० तथा मुख्य विकास अधिकारी डॉ० दीक्षा जोषी द्वारा संयुक्त रूप से माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम में मौजूद जर्मनी की वेरना और साउथ कोरिया के यून

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में एक जनपद-एक उत्पाद योजना ने प्रदेश की पारंपरिक कलाओं को नई संजीवनी प्रदान की है। सीतापुर की दरी बुनाई का 150 से 200 वर्षों का गौरवशाली इतिहास रहा है। यह क्रेता-विक्रेता सम्मेलन वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। प्रदेश सरकार बुनकर परिवारों के कल्याण, उनके कौशल विकास और उत्पादों को सीधे अंतर्राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

राज्यमंत्री सुरेश राही ने कहा कि सीतापुर की पहचान यहाँ की उत्कृष्ट दरी कला से है। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित यह सम्मेलन हमारे स्थानीय बुनकर परिवारों के परिश्रम और निष्ठा का सम्मान है। इस आयोजन से हमारे पारंपरिक कारीगरों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें अपने हुनर का उचित मूल्य मिलेगा।

एमएलसी पवन सिंह चौहान ने कहा कि यह क्रेता-विक्रेता सम्मेलन केवल एक व्यापारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारे बुनकर परिवारों की आजीविका को सशक्त बनाने की एक ऐतिहासिक पहल है। शिक्षा और कौशल के समन्वय से हमारे बुनकर नए डिजाइनों और गुणवत्ता के साथ वैश्विक बाजार में अपनी धाक जमाएंगे।

जापान से आईं विक्रेता किमीजोन

नगर पालिका अध्यक्ष नेहा अवस्थी ने कहा कि सीतापुर की पावन भूमि की यह हस्तशिल्प कला हमारी जनपदीय पहचान का आधार है। इतने बड़े पैमाने पर देशी और विदेशी बायर्स का सीतापुर आना हमारे शहर और यहाँ के कारीगरों के लिए गर्व का विषय है।

जिलाधिकारी डॉ० राजागणपति आर० ने जिला प्रशासन की मंशा व्यक्त करते हुए कहा कि हमारा प्रयास है कि सीतापुर के बुनकरों को अपने उत्पाद बेचने के लिए बाहर न जाना पड़े, बल्कि विश्व भर के खरीदार स्वयं सीतापुर आएं। इस सम्मेलन के माध्यम से हमने 9 देशों और 8 राज्यों के खरीदारों को एक मंच पर लाकर स्थानीय कारीगरों को बिचौलियों से मुक्त कर सीधे बाजार से जोड़ा है।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ० दीक्षा जोषी ने कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत संबोधन देते हुये कहा कि सीतापुर की दरी हमारी 150 से 200 वर्ष पुरानी विरासत है, जिसे हमारे बुनकर परिवारों ने संजोकर रखा है। इस सम्मेलन में ओ0डी0ओ0पी0 दरी के 35 प्रदर्शनी स्टालों के साथ-साथ दरी बुनाई का लाइव डेमो देने हेतु 2 विशेष स्टाल लगाए गए हैं, जिसमें दोनों दिन लगभग 500 बुनकर परिवार भाग ले रहे हैं।

कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण
सम्मेलन में 9 सहभागी देशों-जापान, फिनलैंड, जर्मनी, इसराइल, दक्षिण अफ्रीका, पनामा, सऊदी अरब, यूनाइटेड किंगडम एवं संयुक्त अरब अमीरात तथा भारत के 8 राज्यों उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, केरल, तेलंगाना, तमिलनाडु एवं महाराष्ट्र के प्रमुख खरीदार हिस्सा ले रहे हैं।प्रदर्शनी स्टाल एवं लाइव डेमो (सजीव प्रदर्शन)
सम्मेलन स्थल पर ओ0डी0ओ0पी0 दरी के 35 भव्य प्रदर्शनी स्टाल लगाए गए हैं। इसके साथ ही दरी बुनाई की पारंपरिक कला का जीवंत प्रदर्शन करने हेतु 2 विशेष स्टाल स्थापित किए गए हैं, जहां खरीदार बुनकरों की लाइव कारीगरी देख रहे हैं।

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