महिलाओं के हुनर को मिला बाजार, जीआईसी मैदान में सजा सरस मेला

  • सीडीओ डॉ० दीक्षा जोशी की मेहनत ला रही रंग, राज्यमंत्री व जिलाधिकारी ने सरस मेले की कि प्रशंसा

सीतापुर (पंच पथ न्यूज़)। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जनपद सीतापुर के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय सरस मेले का शुभारंभ आज राजकीय इण्टर कालेज मैदान, सीतापुर में मा० नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु द्वारा फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की सराहना करते हुए खरीदारी भी की।

सरस मेले में स्टालों का निरीक्षण करते जिलाधिकारी डॉ० राजागणपति आर

कार्यक्रम में जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर0 एवं मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जोशी सहित उपायुक्त स्वतः रोजगार डॉ० सुशांत सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों द्वारा भी मेले में लगाए गए स्टालों का निरीक्षण कर समूहों की महिलाओं से उनके उत्पादों, निर्माण प्रक्रिया, विपणन एवं बिक्री से संबंधित जानकारी प्राप्त की गई तथा उत्पादों की खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।तीन दिवसीय सरस मेले में जनपद के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित एवं स्थानीय उत्पादों के स्टाल लगाए गए हैं। इन स्टालों पर समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रकार के घरेलू उपयोग के सामान, हस्तशिल्प, खाद्य सामग्री, पारंपरिक उत्पाद एवं अन्य आकर्षक वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है। मेले के माध्यम से समूह की महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन, प्रचार-प्रसार एवं सीधे ग्राहकों तक पहुंच बनाने का अवसर प्राप्त हो रहा है।इस अवसर पर मा० राज्यमंत्री जी ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि परिवार एवं समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। ऐसे आयोजन महिलाओं के हुनर को पहचान दिलाने तथा उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होते हैं।सरस मेला ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, आत्मविष्वास, उद्यमिता विकास एवं नारी सशक्तीकरण को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों के विपणन, नए ग्राहकों से जुड़ने तथा अपनी आय में वृद्धि करने का अवसर मिलता है। साथ ही स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में भी इस प्रकार के आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से जनसामान्य से अपील की गई कि वे सरस मेले में पहुंचकर स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करें तथा ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने के प्रयासों को प्रोत्साहित करें।

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