HMPV वायरस : निमोनिया, खासी की तरह घबराए नहीं

जिला अस्पताल में वार्ड रिज़र्व, तैयारी पूरी -CMS जिला अस्पताल

सीतापुर (पंच पथ संवाद) ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) इस समय देश मे भी पैर पसार रहा है जिसको ले कर सीतापुर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड में नज़र आ रहा है जानकारों का कहना है कि इस वायरस से घबराने की ज़रूरत नहीं है बल्कि एहतियात बरतने की ज़रूरत है। इसको ले कर समय समय पर स्वास्थ्य विभाग कई कदम उठा रहा है जिसके चलते अस्पतालों में आने वाले बच्चों, महिलाओं व बुज़ुर्गों की विशेष निगरानी की जा रही है जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में एनआईसीयू में बच्चों को भर्ती करने की विशेष सुविधा है इन यूनिटो को पूरे इंतेज़ाम के साथ सक्रिय कर दिया गया है।

वायरस:
चीन में फैले इस (एचएमपीवी) वायरस के केस अब भारत मे भी पाए गए है जिसके बाद स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है तो वहीं चिकित्सकों का कहना है कि इस वायरस से घबराने की ज़रूरत नहीं है यह वायरस कोरोना की तरह खतरनाक नहीं है लेकिन सावधानी अवश्य बरतने की ज़रूरत है साथ ही बच्चों व बुज़ुर्गों का खास खयाल रखें।
फोन नंम्बर जारी:
जिला अस्पताल में HMPV वायरस की जाँच व इलाज की उचित व्यवस्था की गई है इसके साथ ही कंट्रोल रूम का फोन नंबर 8004942033 भी जारी किया गया है।
ये है लक्षण :
चिकित्सक बताते है कि इसके लक्षण सर्दी, ज़ुकाम, नाक कान बहना, बुखार, सांस लेने में परेशानी, खासी न बंद होना, फेफड़ो में संक्रमण और निमोनिया आदि अगर ये लक्षण आपको दिखाई पड़ते है विशेष तौर पर बच्चों में तो नज़दीकी अपने CHC व जिला अस्पताल में डॉक्टर से संपर्क करें।
नागरिक ये करें:
खाँसने और छीक आने पर रुमाल का इस्तेमाल करें, मास्क का भी उपयोग कर सकते है, बार-बार हाथ से मुँह और नाक को न छुए, बाहर से आने पर हाथों को अच्छी तरह सेनिटाइज करें व साबुन से धोएं, तेज़ बुखार, खाँसी, सांस लेने में परेशानी या इस तरह की कोई समस्या हो तो डॉक्टर से परामर्श ले कर ही दवा लें।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ कमलेश चंद्र

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ कमलेश चंद्र ने बताया एचएमपीवी वायरस को ले कर तैयारियां पूरी है घबराने की ज़रूरत नहीं है सभी सीएचसी व पीएचसी अधीक्षकों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है व समय समय पर रिपोर्ट ली जा रही है उनको हिदायत दी गई है कि यदि कोई इस तरीके का मरीज जानकारी में आता है तो उसे तुरंत जिला अस्पताल रेफर करें जहाँ उसका बेहतर इलाज हो सके।

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