“अस्सलामुअलैकुम, इंशाअल्लाह बोलने वाली IPS Bushra Bano का तबादला, वायरल वीडियो पर शिकायत के बाद मचा विवाद”

  • आईपीएस के समर्थन में उतरे इमरान प्रतापगढ़ी, महुआ मोइत्रा, पुष्पेंद्र सरोज समेत कई नेता, उठाए सवाल

कोलकाता (पंच पथ न्यूज़)। पश्चिम बंगाल कैडर की IPS अधिकारी बुशरा बानो एक वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। वीडियो में उन्होंने UPSC की तैयारी और अपने सिविल सेवा के सफर के बारे में बात करते हुए “अस्सलामुअलैकुम”, “इंशाअल्लाह” और “जज़ाकल्लाह” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहस शुरू हो गई।

बुशरा बानो 2021 बैच की IPS अधिकारी हैं और पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में Additional Superintendent of Police (ASP) के पद पर तैनात थीं। वीडियो को लेकर Hindu Legal Fund की ओर से पश्चिम बंगाल के गृह सचिव के पास शिकायत की गई। शिकायत में सरकारी अधिकारी के सार्वजनिक संवाद में धार्मिक अभिव्यक्तियों के इस्तेमाल पर सवाल उठाया गया।

शिकायत के बाद हुआ तबादला-
इस विवाद के बीच 14 सितंबर 2026 को बुशरा बानो का तबादला कर दिया गया। उन्हें खड़गपुर के Additional SP पद से हटाकर State Armed Police में Deputy Commandant बनाया गया है। उनकी जगह WBPS अधिकारी पार्थ घोष को Additional SP, खड़गपुर की जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

तबादले की हुई इस कार्यवाई के बाद सियासत ने भी ज़ोर पकड़ लिया कई नेताओं ने आईपीएस के समर्थन में उतरते हुए इस कार्यवाई पर सवाल खड़े किये। 

राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने भी मामले पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बुशरा बानो को युवाओं से संवाद करते हुए ‘इंशाअल्लाह’ और ‘जज़ाकल्लाह’ कहने के बाद निशाना बनाया गया। उन्होंने सवाल किया कि देश में धार्मिक पहचान से जुड़े सामान्य शब्दों के इस्तेमाल को लेकर एक महिला IPS अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया जा रहा है।

TMC सांसद महुआ मोइत्रा का एक्स पोस्ट

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार BRICS सम्मेलन में मुस्लिम देशों के राष्ट्राध्यक्षों के लिए ‘प्रेयर रूम’ की व्यवस्था करके खुद को सेक्युलर दिखाती है, वहीं दूसरी तरफ एक मुस्लिम महिला IPS अधिकारी को ‘अस्सलामुअलैकुम’ और ‘जज़ाकल्लाह’ कहने के बाद तबादले का सामना करना पड़ रहा है। महुआ मोइत्रा ने बुशरा बानो के प्रति समर्थन जताया।

समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज का एक्स पोस्ट

समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने बुशरा बानो के समर्थन में सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब देश में मुस्लिम IAS और IPS अधिकारी ‘अस्सलामु अलैकुम’ भी नहीं कह सकते और ‘इंशाअल्लाह’ बोलना भी गुनाह हो गया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी अधिकारी के अभिवादन और आस्था से जुड़े शब्दों पर सवाल उठाकर उसका तबादला किया जाता है तो यह संविधान और भारत की गंगा-जमुनी तहजीब पर चोट है।

सऊदी अरब की नौकरी छोड़कर बनीं IPS
बुशरा बानो की कहानी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उन्होंने सिविल सेवा में आने से पहले सऊदी अरब में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर काम किया था। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और UPSC परीक्षा दो बार पास की। 2021 में वह IPS अधिकारी बनीं।

फिलहाल उनका तबादला और वायरल वीडियो दोनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि क्या यह सामान्य प्रशासनिक तबादला है या वायरल वीडियो के बाद हुई शिकायत का असर? इस पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

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