सांसद की ज़मानत याचिका हाइकोर्ट से मंज़ूर, रिहाई पर संशय बरकरार

  • रेहान अंसारी

सीतापुर। यौन शोषण के आरोपों में सीतापुर कारागार में निरुद्ध कांग्रेस सांसद राकेश राठौर को मंगलवार को लखनऊ हाइकोर्ट से ज़मानत याचिका मंजूर हो गई है।
30 जनवरी से यौन शोषण के आरोपों में ज़िला कारागार में निरुद्ध चल रहे कांग्रेस सांसद लगातार निचली अदालत से ले कर हाइकोर्ट तक ज़मानत के प्रयास कर रहे थे जिसमें मंगलवार को उनको सफलता हासिल हुई। मंगलवार को लखनऊ बेंच की न्यायाधीश राजेश चौहान की बेंच ने दोनों पक्षों को सुना व केस डायरी का अवलोकन करने के बाद यह फैसला सुनाया। यह फैसला सुनने के बाद उनके परिवार व समर्थकों में एक खुशी की लहर दौड़ पड़ी व उनके आवास पर समर्थकों का तांता लगना शुरू हो गय। हालांकि अभी ये संशय बना हुआ है कि सांसद राकेश राठौर परिवार व समर्थकों संग होली मना पाएंगे या नहीं यह कह पाना मुश्किल है।
भाई बोले सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं

सांसद घर के बाहर मौजूद बेटा, भाई व अन्य सांसद समर्थक


कांग्रेस सांसद राकेश राठौर प्रकरण-
बीती 17 जनवरी को शहर कोतवाली में एक महिला ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस सांसद राकेश राठौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी जिसके बाद से यह पूरा प्रकरण शुरू हुआ एक तरफ पुलिस सांसद की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही थी दूसरी तरफ अग्रिम जमानत के लिए सांसद पक्ष प्रयास कर रहा था लेकिन सफलता हासिल नहीं हुई फिर आखिरकार 30 जनवरी को सांसद आवास से पुलिस ने सांसद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था जिसके बाद निचली अदालत से ले कर हाइकोर्ट तक चक्कर काटने पड़े तारीख पे तारीखें मिली जा रही थी ऐसा माना जा रहा था कि सांप की मुश्किलें बढ़ सकती है। लेकिन अब तकरीबन 40 दिन जेल में रहने के बाद हाइकोर्ट से ज़मानत मिली है परंतु कांग्रेस सांसद का अभी जेल से बाहर आना बाकी है।

एक अन्य मामले में निचली अदालत से मिल चुकी ज़मानत-
बीती फरवरी में ही धमकी दिलवाने के आरोपों में पीड़िता के पति ने शहर कोतवाली में एक और एफआईआर दर्ज करवाई थी जिसमे सांसद समेत एक अन्य महिला शामिल थी उस मामले में सीजेएम कोर्ट से उन्हें ज़मानत मिल पहले ही मिल चुकी है।

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