Sitapur साइबर ठग सक्रिय, दो लोगों के बैंक खातों से उड़ाई रकम

  • एफआईआर दर्ज, लगातार घटनाओं से लोगों में भय और चिंता
  • आखिर क्यों बढ़ रहे साइबर ठगी के शिकार ?

खैराबाद, सीतापुर(पंच पथ न्यूज़)। कस्बे में बढ़ते साइबर अपराधों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ताज़ा मामले में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, खैराबाद शाखा के दो खाताधारकों के बैंक खातों से अज्ञात साइबर ठगों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी कर रकम निकाल ली। पीड़ितों ने तुरंत बैंक और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी न तो उनकी रकम वापस मिल सकी और न ही किसी प्रभावी कार्रवाई की जानकारी मिली है।

शाहनवाज़ खान (पीड़ित 1)

(केस-1) पहला मामला कस्बे के मोहल्ला गढ़ी दरवाज़ा निवासी शाहनवाज़ खान पुत्र सलीम खान का है। उनके बैंक खाते से 59,000 रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

याकूब (पीड़ित 2)

(केस-2) दूसरा मामला कस्बे के मोहल्ला ललियापुर निवासी याकूब पुत्र खुर्शीद का है। उनके बैंक खाते से 6,000 रुपये साइबर ठगों ने निकाल लिए। उन्होंने भी बैंक और संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अभी तक उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी है।

पीड़ितों का कहना है कि जब वे बैंक पहुंचे तो अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में बैंक के अधिकार सीमित होते हैं। कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए पहले संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराना आवश्यक है, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खैराबाद में साइबर ठगी की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई लोग अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी गंवा चुके हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में न तो आरोपी पकड़े जा सके और न ही पीड़ितों को उनकी धनराशि वापस मिल सकी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने साइबर सेल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाए, लोगों को साइबर ठगी से बचाव के प्रति लगातार जागरूक किया जाए तथा पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाया जाए, ताकि लोगों का बैंकिंग व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।

पंच पथ की जनहित में अपील: किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ओटीपी (OTP) पर भरोसा न करें। अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।

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