
- सुविधा शुल्क और बाहर से होते अल्ट्रासाउंड पर जताई नाराज़गी
- महिला अस्पताल के बाहर धड़ल्ले से चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर व पैथालॉजी, ज़िम्मेदार अनजान
सीतापुर (पंच पथ न्यूज़)। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या चारु चौधरी ने शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कई गंभीर खामियां सामने आने पर उन्होंने प्रभारी सीएमएस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई तथा स्पष्ट चेतावनी दी कि महिलाओं के उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तहसील सभागार में आयोजित जनसुनवाई के बाद करीब चार बजे महिला आयोग की सदस्या जिला महिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने प्रसूति वार्ड सहित विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया और भर्ती गर्भवती महिलाओं से सीधे बातचीत कर इलाज और सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान कई महिलाओं ने बताया कि अस्पताल में समय पर अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाता, जिसके कारण उन्हें मजबूरी में निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर जांच करानी पड़ती है।
जब निरीक्षण के दौरान मरीजों के पास निजी केंद्रों की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट मिली तो चारु चौधरी ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से सवाल किया कि सरकारी अस्पताल में आने वाली महिलाओं को बाहर जांच कराने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था की बड़ी खामी है और इसे तत्काल दूर किया जाए।
चारु चौधरी ने कहा कि जिला महिला अस्पताल में प्रसव की संख्या लगातार अधिक रहती है, लेकिन यहां केवल एक रेडियोलॉजिस्ट होने के कारण अल्ट्रासाउंड जांच समय पर नहीं हो पा रही है। इसका सीधा नुकसान गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द व्यवस्थाओं में सुधार कर मरीजों को अस्पताल के भीतर ही सभी आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इससे पहले तहसील सभागार में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उन्होंने महिलाओं से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई की और संबंधित अधिकारियों को महिला उत्पीड़न व महिला संबंधी अपराधों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



