अन्नपूर्णा की 624 वीं काव्य गोष्ठी का आयोजन सम्पन्न

  • वरिष्ठ उपाध्यक्ष महफूज रहमानी को श्रद्धांजलि दी गई

सीतापुर (पंच पथ न्यूज़)। अन्नपूर्णा सेवा संस्थान सीतापुर के साहित्यिक प्रकोष्ठ अन्नपूर्णा साहित्य संगम की वर्षों से अनवरत चल रही काव्य गोष्ठी के क्रम में 624 नंबर की काव्य गोष्ठी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। जिसमें बड़ी संख्या में कवि शायर व कवित्रियों ने उपस्थित होकर काव्य पाठ किया।
कार्यक्रम संस्थान संरक्षिका पुष्पा अवस्थी के संरक्षण तथा डॉक्टर सतीश चंद्र वर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। संचालन संगम के सचिव यासीन इब्ने उमर के द्वारा किया गया। जीएल गांधी की वाणी वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में डॉक्टर सतीश चंद्र वर्मा, मंजर यासीन, संरक्षिका पुष्पा अवस्थी, एपी गौतम, पंडित अक्स लखनवी, यासीन इब्ने उमर, जीएल गांधी, राम किशोर श्रीवास्तव, बशर हरगामी, रियाजुद्दीन रियाज, हरेंद्र विक्रम सिंह, रौनक सीतापुरी, गीता किशोर श्रीवास्तव, आलोक आदर्श, गुड्डू चक्रवर्ती शिवेश, विदुषी विदु, अरुण कुमार श्रीवास्तव आदि ने अनेक विषयों पर अपनी रचनाएं सुना कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
अंत में अन्नपूर्णा के साहित्य संगम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हास्य व्यंग के शायर महफूज रहमानी के देहांत पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर उनके तथा अन्नपूर्णा सेवा संस्थान संस्थापक अनिल द्विवेदी तथा वर्षों तक संगम के अध्यक्ष रहे इंजीनियर गोपाल सागर के मध्य मधुर संबंधों के साथ-साथ उनके सरल स्वभाव तथा लेखनी पर चर्चा की गई। इस अवसर पर पुष्पा अवस्थी ने कहा कि महफूज रहमानी साहब अन्नपूर्णा साहित्य संगम के एक मजबूत स्तंभ की तरह थे। वह एक अच्छे शायर व कवि होने के साथ-साथ बहुत अच्छे इंसान भी थे। अंत में दो मिनट का मौन रखकर उनके लिए प्रार्थना की गई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी आगंतुकों का यासीन इब्ने उमर ने आभार प्रकट करते हुए सभा का समापन किया।

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