
- 3 दर्जन भाजपा प्रत्याशी धराशाही
- राजेश शुक्ला पुनः बीजेपी जिलाध्यक्ष नियुक्त किये गए।
● रेहान अंसारी (पंचपथ)
सीतापुर। भाजपा ने रविवार को भाजपा जिलाध्यक्ष व महानगरों के अध्यक्षों की घोषणा की है इसी क्रम में प्रभारी मंत्री संजय राय ने सीतापुर पहुँच के ज़िला कार्यालय पर राजेश शुक्ला को पुनः सीतापुर ज़िले का भाजपा अध्यक्ष बनाया है। जिसके बाद से राजेश शुक्ला के करीबियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी और भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं द्वारा बधाई देने का तांता लग गया। हालांकि की कुछ चेहरों पर मायूसी भी देखने को मिली भाजपा जिलाध्यक्ष सीतापुर के लिए इस बार 3 दर्जन के अधिक लोगों ने नामांकन किया था और सभी ने अपने अपनो से लखनऊ से ले कर दिल्ली तक सारे रिश्ते नाते खंगाल डाले थे और कोई कसर नहीं छोड़ी थी, बावजूद इसके किसी को सफलता हाँथ नहीं लगी।भाजपा संगठन को 3 दर्जन प्रत्याशियों में क्या ऐसा कोई चेहरा नहीं दिखा जिसे वह सीतापुर की भागदौड़ सौप सके ? या फिर राजेश शुक्ला जैसा कोई नहीं।

इस पद के लिए मजबूत दावेदारी कर रहे भाजपा नेता राहुल जायसवाल, पूर्व जिला अध्यक्ष अचिन मेहरोत्रा, जया सिंह, ऐसे कई नाम है जिनको निराशा हाथ लगी है। लेकिन इस सबके बावजूद राजेश शुक्ला ने सबको धराशाही कर दिया और सभी को किनारे लगा दिया।
हालांकि दोपहर में लखनऊ में हुई करीब 68 ज़िला अध्यक्षों की घोषणा में सीतापुर का नाम नहीं था दोपहर बाद सीतापुर पहुँचे मंत्री संजय राय, प्रभारी रमापति शास्त्री ने संयुक्त रूप से सीतापुर से राजेश शुक्ला के नाम की घोषणा की। पहले 68 ज़िलों की घोषणा हुई थी फिर दोपहर बाद 2 और ज़िलों की घोषणा की गई जिसमें सीतापुर और ललितपुर शामिल थे भाजपा ने यूपी में संगठन के हिसाब से 98 ज़िले बनाए है इसमें करीब 70 ज़िला अध्यक्षो की घोषणा हुई है। भाजपा नेताओं की माने तो इस बार भाजपा ने एक नए तरीके से नामों की घोषणा की है या यूं कहें डिजिटल माध्यम से नामो की घोषणा की भाजपा ने सबको साधे रखने के लिए इस बार व्हाट्सएप द्वारा प्रभारियों को नाम भेजे इस बार नामो की घोषणा बहुत ही गोपनीय रही प्रभारी मंत्री जब अपने प्रभारी ज़िले में पहुंच गए तब तय समय पर उनके व्हाट्सएप पर संगठन से सीधे नाम भेजे गए ताकि पहले से नेताओं में नाराजगी न पैदा हो सके।
घोषणा से पहले पूछा आपत्ति तो नहीं ?-
घोषणा से पहले प्रभारी रमापति शास्त्री ने सभी से कहा कि भाजपा का जिलाध्यक्ष जो भी बने सभी को उसे स्वीकरना होगा और उनके कंधों से कंधा मिलाकर चलना होगा। उन्होंने नाम घोषित करने से पूव सभी से पूछा कि वह जो नाम घोषित करने जा रहे हैं उस पर किसी को कोई आपत्ति तो नहीं। इस पर सभी ने कहा कि किसी को कोई आपत्ति नहीं है। जिसके बाद उन्होंने राजेश शुक्ल के नाम की घोषणा की। राजेश शुक्ल को जिलाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा होते ही उनके खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं प्रतिद्वंदियों के खेमे में मायूसी छा गई। आपको बता दें कि जिलाध्यक्ष पद पाने के लिए करीब 36 लोगों ने नामांकन किया था।

भाजपा ज़िला अध्यक्ष राजेश शुक्ला का राजनैतिक सफर-
भाजपा ज़िला अध्यक्ष मूल रूप से सीतापुर के ही रहने वाले है। और उनका सफर वार्ड मेम्बरी से शरू हुआ वर्ष 1995 में वह इस्माइलपुर वार्ड से सभासद चुने गए जिसके बाद से वे लगातार राजनीति में सक्रिय रहे और वर्ष 2017 में नगर निकाय चुनाव में इन्होंने सीतापुर नगर पालिका से अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की थी, जिसमें सपा प्रत्याशी से नजदीकी मुकाबले में शिकस्त मिली थी। वर्ष 2019 में यह पार्टी के महामंत्री बनाए गए। और लगातार पार्टी के प्रति समर्पित देख राजेश शुक्ला को वर्ष 2023 में भाजपा का ज़िला अध्यक्ष बनाया गया तब से वह सीतापुर भाजपा की भाग दौड़ संभाले है। और अगले भाजपा ज़िला अध्यक्षों के चुनाव तक वह सीतापुर भाजपा की ज़िम्मेदारी संभालेंगे।
राजेश शुक्ला को सीतापुर भाजपा का 16वां ज़िला अध्यक्ष बनाया गया है। सियासी गलियारों में खबरें है कि इस ज़िला अध्यक्षी के पीछे पूर्व सांसद व पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष राजेश वर्मा का साथ है। राजेश वर्मा ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर फ़ोटो शेयर की थी जिसमे वह लखनऊ से ले कर दिल्ली अमित शाह तक उन्होंने मुलाकात की थी तभी से माना जा रहा था कि राजेश शुक्ला की दावेदारी मज़बूत है हालांकि की अब तो इसकी आधिकारिक घोषणा भी हो गई है।
इस मौके पर एमएलसी पवन सिंह चौहान, सेवता विधायक ज्ञान तिवारी महमूदाबाद विधायक आशा मौर्या, मिश्रिख विधयाक राम कृष्ण भार्गव, सिधौली विधायक मनीष रावत, पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष राजेश वर्मा, नीरजा वर्मा समेत अन्य भाजपा नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।