
सीतापुर। 21 वें रमज़ान को सुबह 7 बजे के करीब इमामबाड़े फारिग मोहल्ला काज़ियारे से एक जुलूस हज़रत अली की शहादत के मौके पर निकाला गया। यह जुलूस फ़ाज़िल रज़ा की अगुवाई में निकाला गया जो कि अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ 11 बजे के करीब कर्बला हाजी साहब (सिटी स्टेशन) पहुँच कर समाप्त हुआ।
जुलूस में फ़ाज़िल रज़ा, सादिक जाफरी, नोहा रवानी की तथा कामिल जाफरी, खावर जाफरी और उनके हमनवाओ ने सोज़ रवानी करते हुए हाजी शेख अकबर अली की कर्बला तक पहुंचाया। जुलूस में काफी तादात में अकीदतमंद और गड़मान्यों लोगों ने शिरकत की जिसमे मेहंदी रज़ा, मोहसिन (राजू) मुजाहिद जाफरी सा० जाफर चाचा आदि के नाम काबिले ज़िक्र है।
आपको बता दें कि हज़रत अली नबीये करीम के भाई व दामाद थे, इमामे हुसैन व इमामे हसन वालिद और ह० फात्मा ज़हरा के शौहर थे। इसको इस्लाम मे कई लकाबो से जाना जाता है जैसे शेरे खुदा, ग़ज़ नफर, फातेह खैबर, दामादे पयम्बर, साकिये कौसर आदि यह कहना है शायरे अहलेबैत नदीम सीतापुरी का।