
सीतापुर (पंच पथ न्यूज़) पुराने सीतापुर के एक घनी आबादी वाले क्षेत्र मोहल्ला कोट कर्बला स्थित छोटा धोबियाना इलाके में आबादी के बीच डाले जा रहे कचरे से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। शेल्टर होम के निकट खुले स्थान पर नगर पालिका परिषद की गाड़ियां रोजाना कचरा लाकर डाल रही हैं, जिससे पूरे इलाके में गंदगी और दुर्गन्ध का माहौल बना हुआ है। लगातार डाले जा रहे कचरे से इलाके में बीमारियां भी पैर पसार रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार कचरे के ढेर पर सैकड़ों की संख्या में छुट्टा जानवर जमा रहते हैं। गाय, बैल और आवारा कुत्तों की मौजूदगी से आमजन और राहगीरों को हर वक्त खतरा बना रहता है। कई बार सांडों की आपसी लड़ाई में लोग घायल हो चुके हैं, जबकि आवारा कुत्तों द्वारा बच्चों को काटे जाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
मोहल्ले की निवासी सीता देवी बताती हैं कि कचरे की तेज दुर्गन्ध से घरों में रहना मुश्किल हो गया है। बच्चों की सेहत पर इसका बुरा असर पड़ रहा है और वे बार-बार बीमार हो रहे हैं। वहीं हाफिज मोहम्मद बिलाल का कहना है कि करीब एक वर्ष से यहां कचरा डाला जा रहा है। शुरुआत में इसे अस्थायी व्यवस्था बताया गया था, लेकिन अब तक इसे शहर से बाहर स्थानांतरित नहीं किया गया।
स्थानीय निवासी धर्मेंद्र के अनुसार इस सम्बंध में पालिका के अध्यक्ष प्रतिनिधि से भी मुलाकात की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने प्रशासन से भी गुहार लगाई है। आपको बता दें कचरा डंपिंग के पास में ही गर्ल्स डिग्री कॉलेज भी है। और रोज़ाना छात्राओं का आना जाना भी इसी रास्ते से होता है। जिस कारण छात्राओं को भी इसी रास्ते से होकर गुज़रना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है।
मोहल्लेवासियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है और नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष प्रतिनिधि से भी मुलाकात की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आबादी के बीच कचरा डंपिंग तत्काल रोकी जाए और कचरे को शहर से बाहर सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।



