
- 6 अक्टूबर से शुरू होगा प्रदर्शन, सांसद होंगे शामिल
- संसद से बूथ और गावों तक होगा ज़ोरदार प्रदर्शन
नई दिल्ली (पंच पथ न्यूज़)। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा करने की तैयारी कर ली है। INDIA गठबंधन की बैठक में आंदोलन का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि विपक्षी दल अब इस मुद्दे को संसद से लेकर गांव और बूथ स्तर तक ले जाएंगे।
विपक्षी दलों का यह अभियान 6 अक्टूबर से शुरू होगा। तय कार्यक्रम के मुताबिक 6 अक्टूबर को सुबह 11 बजे सभी विपक्षी दलों के सांसद पार्लियामेंट हाउस से निर्वाचन सदन तक मार्च निकालेंगे। इस दौरान SIR, कथित ‘वोट चोरी’ और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
इसके बाद 8 अक्टूबर को INDIA गठबंधन में शामिल सभी दल जिला स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। इन प्रदर्शनों में मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जाएंगे।
10 से 20 अक्टूबर तक कांग्रेस ब्लॉक स्तर पर अभियान चलाएगी। इस दौरान पार्टी की ओर से बाइक रैली, साइकिल रैली और पदयात्राएं निकाली जाएंगी। कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों के बीच पहुंचकर मतदाता सूची और SIR से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे।
25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान चलाया जाएगा। कांग्रेस राज्य, जिला और गांव स्तर पर रैलियां आयोजित करेगी। पार्टी का कहना है कि इस दौरान कार्यकर्ता घर-घर पहुंचेंगे और हर बूथ पर चुनाव आयोग द्वारा हटाए गए नामों को दोबारा जुड़वाने की कोशिश करेंगे। कांग्रेस का दावा है कि करीब साढ़े 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं।
इसके अलावा 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली आयोजित करने की तैयारी है। जयराम रमेश ने बताया कि इस रैली में शामिल होने के लिए विपक्षी दलों को निमंत्रण दिया जा रहा है।
आंदोलन का अगला बड़ा चरण 25 और 26 नवंबर को ‘दिल्ली चलो’ यात्रा के रूप में होगा। छह अलग-अलग राज्यों से यात्राएं दिल्ली पहुंचेंगी और यहां ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ महाप्रदर्शन किया जाएगा।
कांग्रेस का कहना है कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे लोकतंत्र और मताधिकार से सीधे जुड़े हुए हैं। पार्टी ने भाजपा सरकार और चुनाव आयोग से मतदाता सूची में नाम हटाए जाने की प्रक्रिया, उसके आधार और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
विपक्ष की ओर से तैयार किए गए इस आंदोलन के रोडमैप से साफ है कि आने वाले दिनों में SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में रहने वाला है। अब देखना होगा कि सरकार और चुनाव आयोग विपक्ष के इन आरोपों और आंदोलन पर क्या जवाब देते हैं।



