- प्रियंका गांधी ने संभाला मोर्चा वरिष्ठ नेताओं के साथ की तीन घंटे की बैठक
- सपा के साथ गठबंधन में मजबूत दावेदारी पेश करने की तैयारी, इन सीटों पर टिकीं निगाहें
लखनऊ (पंच पथ न्यूज़)। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी चुनावी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर पार्टी अब पहले से तैयारी करके बातचीत की मेज पर उतरना चाहती है। इसी रणनीति के तहत कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोमवार को प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ करीब तीन घंटे तक बैठक कर संभावित विधानसभा सीटों और पार्टी की चुनावी स्थिति पर चर्चा की।
बैठक में प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद मौजूद रहे। इस दौरान लगभग 175 विधानसभा सीटों के राजनीतिक समीकरणों, संगठन की स्थिति और पिछले चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा की गई। कांग्रेस का जोर ऐसी सीटों की पहचान करने पर है, जहां पार्टी अपनी स्थिति मजबूत मानती है और गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने की संभावना देख रही है।
तीन श्रेणियों में बांटी गईं संभावित सीटें
कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारी के तहत संभावित सीटों को ए, बी और सी श्रेणियों में बांटने की कवायद की है। जानकारी के मुताबिक, करीब 100 सीटें ए श्रेणी, 40 से 50 सीटें बी श्रेणी और 25 से 35 सीटें सी श्रेणी में रखी गई हैं। इन श्रेणियों के निर्धारण में चुनावी नतीजों, स्थानीय नेताओं की सक्रियता, संगठन की मजबूती और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखा जा रहा है।
पार्टी वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के परिणामों के आधार पर भी अपनी संभावनाओं का आकलन कर रही है। कांग्रेस की कोशिश है कि प्रदेश के प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में कम से कम एक विधानसभा सीट पर उसकी दावेदारी हो, जिससे संगठन को राज्यव्यापी स्तर पर मजबूत किया जा सके।
नवंबर तक समझौते की तस्वीर साफ करने की तैयारी
कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि समाजवादी पार्टी के साथ सीटों को लेकर बातचीत में अनावश्यक देरी न हो और नवंबर तक सीट बंटवारे पर सहमति बनाने की दिशा में ठोस प्रगति हो। इसी सिलसिले में प्रियंका गांधी की प्रदेश के नेताओं के साथ एक और बैठक प्रस्तावित बताई जा रही है। इसके बाद कांग्रेस समाजवादी पार्टी के सामने लगभग 150 विधानसभा सीटों की संभावित सूची रख सकती है।
यह सूची गठबंधन वार्ता में कांग्रेस की प्राथमिकताओं और दावेदारी का आधार बन सकती है। पार्टी का मानना है कि समय रहते सीटों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने से उम्मीदवारों के चयन, क्षेत्रीय स्तर पर संगठन की सक्रियता और चुनावी अभियान की तैयारी में आसानी होगी।
अमेठी, रायबरेली और सहारनपुर पर कांग्रेस की नजर
सीटों के संभावित बंटवारे में कांग्रेस अमेठी, रायबरेली और सहारनपुर जैसे क्षेत्रों को खास महत्व दे रही है। पार्टी उन विधानसभा क्षेत्रों में भी अपनी दावेदारी पेश करने पर विचार कर रही है, जहां फिलहाल समाजवादी पार्टी के विधायक हैं। सूत्रों के अनुसार, सपा की करीब एक दर्जन मौजूदा सीटों पर भी कांग्रेस की नजर है।
इन सीटों पर दावा पेश करने के लिए कांग्रेस अपने पुराने चुनावी प्रदर्शन, स्थानीय संगठन और क्षेत्र में राजनीतिक प्रभाव को आधार बना सकती है। हालांकि, इन क्षेत्रों में सीटों का अंतिम बंटवारा दोनों दलों के बीच होने वाली बातचीत और आपसी सहमति से ही तय होगा।
गठबंधन में हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश
कांग्रेस की मौजूदा रणनीति से साफ है कि पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में अपनी हिस्सेदारी को लेकर पहले से तैयारी करना चाहती है। संभावित सीटों की सूची तैयार करने के साथ-साथ संगठनात्मक मजबूती और चुनावी संभावनाओं की समीक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है। गठबंधन वार्ता में प्रियंका गांधी की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है, जबकि संभावित सीटों और क्षेत्रीय समीकरणों पर चर्चा के लिए पार्टी एक वार्ता समिति भी बना सकती है।
अब निगाहें कांग्रेस की अगली बैठक और समाजवादी पार्टी के साथ होने वाली बातचीत पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस की तैयार सीटों की सूची गठबंधन की अंतिम बातचीत में कितनी प्रभावी साबित होती है और दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर सहमति किस दिशा में आगे बढ़ती है।



