
लखनऊ (पंच पथ न्यूज़)। विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ युवा कांग्रेस द्वारा राजधानी लखनऊ में बुधवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने “वोट चोर—गद्दी छोड़ो” के नारों के साथ मार्च निकालते हुए सरकार और चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में धांधली के आरोप लगाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस व कार्यकर्ताओं के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए।

युवा कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय से हजरतगंज स्थित राज्य चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च करते हुए निकले। प्रदर्शन का नेतृत्व युवा कांग्रेस पदाधिकारियों ने किया, जिन्होंने दावा किया कि SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल गरीब, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं के नाम सूची से हटाने के लिए किया जा रहा है।
प्रदेश की राजधानी पुलिस ने प्रदर्शन की आशंका के चलते हजरतगंज इलाके में भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। जैसे ही भीड़ बैरिकेड तक पहुंची, कई प्रदर्शनकारी उन पर चढ़ गए और उन्हें हटाने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
कई कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए- पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मौके पर हिरासत में लिया और बसों में भरकर उन्हें पुलिस लाइन भेजा। इस दौरान कुछ देर के लिए सड़क मार्ग अवरुद्ध रहा और हजरतगंज चौराहे के आसपास जाम जैसी स्थिति बन गई।
प्रदर्शन के मुख्य मुद्दे-
● युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया “पक्षपातपूर्ण” है।
● मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम काटने के आरोप लगाए।
● चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप व पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
● सरकार पर “लोकतंत्र को कमजोर करने” का आरोप लगाया गया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और वे SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तक पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चुनाव आयोग ने कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
कांग्रेस के इस आंदोलन में 2027 की झलक दिखाई दे रही है। ऐसे प्रदर्शनों से कांग्रेस अपनी ज़मीन मज़बूत करने की भी कोशिश कर रही है।



