
- चार बुल्डोज़र संग तड़के सुबह शुरू हुई ध्वस्तीकरण की कार्यवाई
सहारनपुर (पंच पथ न्यूज़)। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलक्ट्रेट परिसर के अंदर मौजूद करीब 70 साल से अधिक पुरानी बताई जा रही मस्जिद को जिला प्रशासन ने अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्त कर दिया। शनिवार सुबह करीब 5 बजे शुरू हुई कार्रवाई के दौरान चार बुलडोजर लगाए गए। सुरक्षा के मद्देनजर कलक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में पुलिस तथा RAF की भारी तैनाती की गई।

बताया जा रहा है कि यह मस्जिद लंबे समय से कलक्ट्रेट परिसर में मौजूद थी। स्थानीय स्तर पर दावा किया जाता रहा है कि अंग्रेजी शासन के दौरान कलक्ट्रेट में काम करने वाले मुस्लिम कर्मचारियों के लिए यहां नमाज पढ़ने की सुविधा के उद्देश्य से मस्जिद बनाई गई थी। हालांकि, प्रशासन ने इसके निर्माण को अवैध माना है।
मामला वर्ष 2025 में उस समय सामने आया, जब बजरंग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मस्जिद को अवैध बताते हुए सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दाखिल की। सुनवाई के बाद 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट ने मस्जिद को अवैध मानते हुए उसके ध्वस्तीकरण का आदेश दिया।
मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने इस आदेश के खिलाफ जिला जज की अदालत का रुख किया। कमेटी की ओर से मस्जिद के पुराने होने के प्रमाण के तौर पर 1 जनवरी 1911 का बिजली बिल भी अदालत में पेश किए जाने की बात कही गई। वहीं, प्रशासन की ओर से तर्क दिया गया कि सहारनपुर में बिजली की आपूर्ति वर्ष 1912 से शुरू हुई थी, ऐसे में 1911 के बिजली बिल की प्रमाणिकता पर सवाल उठाए गए।
मामले को लेकर सहारनपुर के कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 20 जुलाई को प्रेसवार्ता कर प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि जिस गाटा संख्या-539 की जमीन पर मस्जिद बनी है, वह जमीन वालिद खां और याकूब खां द्वारा कलक्ट्रेट, कोषागार और तहसील के निर्माण के लिए दान की गई थी। उन्होंने इसी परिसर में एक मंदिर होने का भी दावा करते हुए कहा था कि यदि मस्जिद पर कार्रवाई होती है तो उसी आधार पर मंदिर को लेकर भी सवाल खड़े होंगे।
जिला जज की अदालत में करीब डेढ़ महीने तक सुनवाई के बाद सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा गया और मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया गया। जिला जज के आदेश के करीब सात दिन बाद प्रशासन ने मस्जिद को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी।
कार्रवाई के दौरान सहारनपुर के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और DIG समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और पुलिस व RAF के जवानों को तैनात किया गया।
वहीं, मस्जिद के ध्वस्तीकरण की सूचना के बाद राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गईं। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद समेत कई मुस्लिम नेताओं को पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए जाने की बात सामने आई है। समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन भी रात में सहारनपुर के लिए रवाना हुईं, लेकिन पुलिस ने उन्हें उनके आवास पर ही रोक दिया।


इकरा हसन और उनकी मां की पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में वे पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल करती नजर आ रही हैं।
फिलहाल सहारनपुर में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर राजनीतिक दलों और मुस्लिम संगठनों की ओर से विरोध के स्वर उठ रहे हैं, जबकि प्रशासन की कार्रवाई न्यायिक आदेश और अवैध निर्माण के आधार पर की गई कार्रवाई के रूप में सामने आई है।
मामला अब केवल एक पुराने धार्मिक स्थल के ध्वस्तीकरण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके साथ जुड़े जमीन के रिकॉर्ड, पुराने दस्तावेजों, मंदिर-मस्जिद की स्थिति और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।



