
- ई एन टी विभाग की सर्जन डॉ० हर्षिता अवस्थी की मेहनत लाई रंग, सर्जरी हुई सफल
सीतापुर (पंच पथ न्यूज़)। जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। अस्पताल के ईएनटी विभाग में शनिवार को 11 वर्षीय बच्चे के गले में टॉन्सिल की सफल सर्जरी की गई। अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, जिला अस्पताल में टॉन्सिल की यह पहली सर्जरी है।
नया गांव निवासी 11 वर्षीय पुनीत पुत्र गुड्डू पिछले करीब एक वर्ष से गले की समस्या से परेशान था। उसे लगातार गले में दर्द, खाना खाने में परेशानी और यहां तक कि पानी पीने में भी काफी दिक्कत होती थी। परिवार ने बच्चे का कई जगह इलाज कराया, लेकिन उसकी समस्या में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
एक माह पहले जिला अस्पताल पहुंचा था बच्चा : करीब एक माह पूर्व पुनीत को जिला चिकित्सालय के ईएनटी विभाग में लाया गया। यहां डॉ. हर्षिता अवस्थी (सर्जन) ने बच्चे की जांच की और उसकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए उपचार शुरू किया। जांच और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद बच्चे को सर्जरी के लिए तैयार किया गया।
शनिवार को चिकित्सकों की टीम ने पुनीत के गले में टॉन्सिल की सर्जरी की, जो सफल रही। सर्जरी के बाद बच्चे की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। और सोमवार को उसे छुट्टी दे दी गई।
इन चिकित्सकों की रही अहम भूमिका : इस सर्जरी को सफल बनाने में डॉ. हर्षिता अवस्थी (सर्जन), एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. गोपाल सिंह, डॉ. गंगाधर और डॉ. अवधेश वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
डॉ. हर्षिता बोलीं अब मरीजों को हर बार लखनऊ रेफर करने की जरूरत नहीं : डॉ. हर्षिता अवस्थी ने पंच पथ न्यूज़ से बातचीत में बताया कि जिला अस्पताल में टॉन्सिल की यह पहली सर्जरी है। उन्होंने कहा कि सीतापुर में इस तरह की समस्या वाले मरीजों को पहले अक्सर उच्च उपचार के लिए लखनऊ रेफर किया जाता था, लेकिन अब जिला अस्पताल में ही इस तरह की सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि जिला अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज की समस्या को गंभीरता से लिया जाए और उसे बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए, ताकि मरीजों को इलाज के लिए अनावश्यक रूप से दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
जिला अस्पताल में टॉन्सिल की सफल सर्जरी को स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


