पंच पथ से बातचीत में सांसद राकेश राठौर बोले-घटना की जानकारी नहीं, जिलाध्यक्ष डॉ. ममता वर्मा से संपर्क नहीं हो सका; पूर्व जिलाध्यक्ष उत्कर्ष अवस्थी ने गुटबाजी से किया इनकार
लखनऊ (पंच पथ न्यूज़)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) के मुख्यालय में रविवार को नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान जमकर हंगामा हुआ। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और आराधना मिश्रा के समर्थकों के बीच कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की और जूते चलने की घटना सामने आई। इस दौरान अजय राय के खिलाफ कथित तौर पर अपशब्द कहे जाने से माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
जानकारी के मुताबिक, आराधना मिश्रा ‘मोना’ रविवार को अपना नया दायित्व संभालने के लिए कांग्रेस मुख्यालय पहुंचीं। इसी दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि वहां उनके साथ बदसलूकी की गई और असम्मानजनक टिप्पणियां की गईं। इससे नाराज होकर अजय राय कांग्रेस कार्यालय में धरने पर बैठ गए।
अजय राय ने ममता चौधरी पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया। इसके बाद वह अपने समर्थकों के साथ कार्यालय से बाहर आ गए। घटनाक्रम को लेकर अजय राय और उनके समर्थकों में नाराजगी देखी गई। वहीं, कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ने पर धक्का-मुक्की हुई और जूते चलने की भी खबर सामने आई।
मामले को शांत कराने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी तथा सांसद इमरान मसूद ने हस्तक्षेप किया। दोनों नेताओं ने अजय राय को समझाकर वापस कार्यालय के अंदर ले जाने का प्रयास किया।
सांसद राकेश राठौर बोले—घटना की जानकारी नहीं : इस पूरे घटनाक्रम पर पंच पथ ने सीतापुर के कांग्रेस सांसद राकेश राठौर से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली जा रहे हैं और रास्ते में हैं।
वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. ममता वर्मा से भी फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। इस कारण उनका पक्ष नहीं मिल सका।
उत्कर्ष अवस्थी ने गुटबाजी से किया इनकार- कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष उत्कर्ष अवस्थी ने प्रदेश कार्यालय में हुए घटनाक्रम को गुटबाजी मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश कार्यालय में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष के पदभार ग्रहण का कार्यक्रम था। ऐसे अवसरों पर कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह रहता है, जिसके चलते कभी-कभी धक्का-मुक्की की स्थिति बन जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं को गलत तरीके से दिखाया जाता है।
उत्कर्ष अवस्थी के मुताबिक, मौके पर मौजूद तीनों वरिष्ठ नेताओं—प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी—ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटनाक्रम को गुटबाजी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में हुए इस घटनाक्रम ने नए प्रदेश अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान पार्टी के भीतर आपसी मतभेदों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, विवाद के पीछे की पूरी वजह और घटना के संबंध में संबंधित पक्षों का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।



