
सीतापुर (पंच पथ न्यूज़)। विकास खंड परसेण्डी के उच्च प्राथमिक विद्यालय देना के प्रांगण में ‘मेधावी छात्र अलंकरण एवं सम्मान समारोह’ का अत्यंत गरिमामयी आयोजन किया गया। पूर्व ग्राम प्रधान श्री राम भरोसे की अध्यक्षता एवं विशिष्ट अतिथि मनीष कुमार रस्तोगी व बृज कुमार चौधरी की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाध्यापक खुश्तर रहमान खाँ द्वारा अतिथियों के आत्मीय स्वागत के साथ हुआ। पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन शिक्षक विमल कुमार द्वारा किया गया।
समारोह के दौरान शैक्षणिक सत्र में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं—पायल, आदर्श, पलक, अभयराज, नैमिष यादव, पियूष, दीक्षा, नैना, शुभी, काजल, कुन्ती, सतेन्द्र, नैनसी, मोनिका, वर्तिका एवं प्रियांशी को मंच पर अलंकृत किया गया। विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले इंस्पायर अवार्ड विजेता कृष्णा पटेल, एजूराज एवं निर्मल को उनकी वैज्ञानिक सोच के लिए सराहा गया। इस अवसर पर एक भावुक और प्रेरक पहल करते हुए बच्चों के माता-पिता को भी अंगवस्त्र और थाली भेंट कर सम्मानित किया गया। विद्यालय की पूर्व छात्राओं पूजा और आस्था को समाज में विशिष्ट स्थान प्राप्त करने के लिए सम्मानित कर वर्तमान विद्यार्थियों को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी गई। विशिष्ट अतिथि बृज कुमार चौधरी ने विद्यालय के समस्त 125 छात्र-छात्राओं को शैक्षिक सामग्री प्रदान की। समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों और बच्चों के लिए जलपान की विशेष व्यवस्था रही, जिसमें सभी को बिस्कुट के पैकेट और शीतल पेयजल वितरित किया गया।
विद्यालय परिवार ने इस आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले विद्यालय के सभी रसोइयों और स्कूल प्रबंध समिति (SMC) के सदस्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। स्कूल परिवार की ओर से इनके अथक सहयोग और सेवा भाव के लिए इन्हें भी विशेष उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।
शिक्षा व्यवस्था एवं महत्व पर अतिथियों के विस्तृत विचार:
कार्यक्रम अध्यक्ष राम भरोसे (पूर्व ग्राम प्रधान): “शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है। आज हमारे गांव के बच्चे जिस प्रकार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं और इंस्पायर अवार्ड जैसे मंचों पर अपना नाम रोशन कर रहे हैं, वह इस बात का प्रमाण है कि यदि सही दिशा मिले तो ग्रामीण प्रतिभाएं किसी से कम नहीं हैं। मैं अभिभावकों से आह्वान करता हूँ कि वे बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखें।”
एसएमसी अध्यक्ष बाल गोविन्द: “विद्यालय प्रबंध समिति और शिक्षकों के बीच का सामंजस्य ही विद्यालय की प्रगति का मुख्य आधार है। सरकारी स्कूलों में आज जो सुविधाएं और शैक्षिक वातावरण मिल रहा है, वह सराहनीय है। हमारा लक्ष्य शत-प्रतिशत नामांकन के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।”
विशिष्ट अतिथि मनीष कुमार रस्तोगी: “ज्ञान ही वह अस्त्र है जो गरीबी और पिछड़ेपन की बेड़ियों को काट सकता है। मेधावी छात्र आज के इस सम्मान को एक जिम्मेदारी की तरह लें और भविष्य में समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। शिक्षकों द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किया जा रहा प्रयास वंदनीय है।”
विशिष्ट अतिथि बृज कुमार चौधरी: “बच्चों को प्रोत्साहित करना केवल शिक्षकों का कार्य नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। आज इन मेधावियों के साथ उनके माता-पिता का सम्मान करना एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे घर-घर में शिक्षा के प्रति एक सकारात्मक संदेश जाएगा। शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने से ही शिक्षा की जड़ें और मजबूत होंगी।”
प्रधानाध्यापक खुश्तर रहमान खाँ: “हमारा उद्देश्य केवल साक्षर बनाना नहीं, बल्कि बच्चों को एक बेहतर इंसान बनाना है। विद्यालय की पूरी टीम पूरी निष्ठा के साथ बच्चों के भविष्य को संवारने में जुटी है। माता-पिता का विद्यालय के प्रति बढ़ता विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। हम प्रतिबद्ध हैं कि देना विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श स्थापित करे।”
इस गरिमामयी अवसर पर शिक्षक किरन अवस्थी, नीता सिंह, दिव्या पाण्डे, कामिनी राजवंशी, मीनू कुमारी, विमल कुमार, आलोक कुमार, संजय कुमार और निसार अहमद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व अभिभावक उपस्थित रहे।



