
- उपभोक्ता फोरम का सख्त एक्शन, शोरूम मैनेजर पर गैर-जमानती वारंट
- 1700 की चप्पल और 7500 का हर्जाना, अब गिरफ्तारी की बारी
सीतापुर (पंच पथ न्यूज़) उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक शोरूम प्रबंधक को ग्राहक की टूटी चप्पल वापस न लेना भारी पड़ गया। उपभोक्ता फोरम ने शोरूम प्रबंधक के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है। मामला शहर के एक प्रतिष्ठित लिबर्टी शोरूम से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार, शहर निवासी आरिफ ने 10 मई 2022 को लिबर्टी शोरूम से 1700 रुपये की एक चप्पल खरीदी थी। शोरूम की ओर से चप्पल पर छह महीने की वारंटी दी गई थी। लेकिन महज एक महीने के भीतर ही चप्पल टूटने लगी। जब ग्राहक ने इसकी शिकायत की और चप्पल बदलने की मांग की तो शोरूम प्रबंधन ने साफ इनकार कर दिया।
इससे नाराज होकर पीड़ित आरिफ ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के बाद उपभोक्ता फोरम ने 8 जनवरी 2024 तक शोरूम को आदेश दिया कि वह चप्पल की कीमत के साथ मानसिक प्रताड़ना के लिए 2500 रुपये और मुकदमे के खर्च के रूप में 5000 रुपये अदा करे।
हालांकि, शोरूम प्रबंधन ने फोरम के आदेश की अनदेखी की। इसके बाद उपभोक्ता फोरम ने सख्त रुख अपनाते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर शोरूम प्रबंधक की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। फोरम ने आदेश दिया है कि दो जनवरी तक आरोपी को गिरफ्तार कर वारंट की तामील कराई जाए।
अब शोरूम प्रबंधक पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और उपभोक्ता अधिकारों को लेकर एक अहम उदाहरण माना जा रहा है।



