
सीतापुर (पंच पथ न्यूज़) नगर की ऐतिहासिक धरोहर माने जाने वाले टाउन हॉल परिसर से वर्षों पुराने अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। नगर पालिका परिषद ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी संबंधित पक्षों को 15 दिनों के भीतर परिसर खाली करने के निर्देश जारी किए हैं। नोटिस में साफ कहा गया है कि तय समयसीमा में कब्जा न हटाने की स्थिति में नगर पालिका द्वारा विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के केंद्र में नजूल भूमि पर बने समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय का मामला प्रमुख रूप से सामने आया है। नगर पालिका प्रशासन ने लगभग 20 वर्षों से चले आ रहे इस कब्जे को समाप्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। बुधवार देर रात जारी नोटिस के बाद टाउन हॉल से सपा कार्यालय के हटने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।
जानकारी के अनुसार तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल ने 15 जनवरी 2005 को टाउन हॉल परिसर की नजूल भूमि मात्र 100 रुपये वार्षिक किराये पर समाजवादी पार्टी को आवंटित की थी। हालांकि नियमानुसार आवश्यक प्रावधानों का पालन न किए जाने के चलते 14 अप्रैल 2005 को उक्त आवंटन को निरस्त कर दिया गया था। इसके बावजूद सपा कार्यालय पिछले लगभग 20 वर्षों से उसी स्थान पर संचालित होता रहा, जिसे अब नगर पालिका अवैध कब्जा मान रही है।
इस संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) वैभव त्रिपाठी ने देर रात जानकारी देते हुए बताया कि टाउन हॉल नगर की सार्वजनिक संपत्ति है और उस पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व में आवंटन निरस्त होने के बावजूद परिसर का उपयोग किया जाना नियमों का उल्लंघन है। नगर पालिका का उद्देश्य टाउन हॉल को उसके मूल स्वरूप में लाकर जनहित के लिए उपयोग में लाना है।
नगर पालिका प्रशासन ने इस कार्रवाई के तहत टाउन हॉल परिसर में रह रहे भाजपा नेता संजीव गुप्ता उर्फ टिंटू की मां मिथिलेश गुप्ता, सपा जिलाध्यक्ष सहित चार अन्य लोगों को भी नोटिस जारी किया है। सभी को 15 दिनों के भीतर कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर पालिका की इस सख्त कार्रवाई के बाद शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक ओर प्रशासन इसे सार्वजनिक संपत्ति को मुक्त कराने और नियमों के पालन की कार्रवाई बता रहा है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।



