
- 94.56% मतदाताओं का 2003 की वोटर लिस्ट से सत्यापन
- शहरी इलाके में कटे सबसे अधिक मतदाता
रेहान अंसारी
सीतापुर (पंच पथ न्यूज़) उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को अद्यतन, शुद्ध और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से कराए गए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद सीतापुर जनपद में मतदाता आंकड़ों में बड़ा बदलाव सामने आया है। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, SIR प्रक्रिया के तहत जिले में व्यापक स्तर पर सत्यापन किया गया, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले सीतापुर जिले में कुल 31,90,806 मतदाता पंजीकृत थे। पुनरीक्षण अभियान के बाद जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची में यह संख्या घटकर 25,67,034 रह गई है। यानी इस प्रक्रिया के दौरान 6,23,772 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे गए, जो कुल मतदाताओं का 19.55 प्रतिशत है। वहीं 80.45 प्रतिशत मतदाताओं का एन्यूमरेशन फॉर्म प्राप्त कर सत्यापन पूरा किया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार जिन मतदाताओं का सत्यापन नहीं हो सका, उनके नाम विभिन्न कारणों से हटाए गए हैं। इनमें 1,29,101 मृतक मतदाता, 1,73,227 लंबे समय से अनुपस्थित या अनट्रेसिबल, 2,46,901 स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर शिफ्ट हो चुके मतदाता, 55,579 पहले से अन्य स्थान पर पंजीकृत (डुप्लीकेट एंट्री) तथा 19,003 अन्य कारणों से हटाए गए नाम शामिल हैं।
SIR प्रक्रिया की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में मतदाताओं का सत्यापन 2003 की मतदाता सूची से भी किया गया। आंकड़ों के मुताबिक 94.56 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन 2003 की मतदाता सूची से सफलतापूर्वक कर लिया गया, जबकि 5.44 प्रतिशत मतदाताओं का मिलान उस सूची से नहीं हो सका।
ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार भी तस्वीर साफ हुई है। जिले की नौ विधानसभा सीटों में मतदाताओं के नाम हटने का आंकड़ा अलग-अलग रहा।
महोली विधानसभा में 66,571 नाम हटाए गए, सीतापुर सदर विधानसभा में सबसे अधिक 1,28,597 मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हुए, हरगांव में 56,296, लहरपुर में 69,961, बिसवां में 60,338, सेवता में 45,866, महमूदाबाद में 56,395, सिधौली में 59,205 और मिश्रिख विधानसभा क्षेत्र में 80,493 मतदाताओं के नाम काटे गए। मिश्रिख विधानसभा में हटाए गए नामों की संख्या जिले में दूसरी सबसे बड़ी बताई जा रही है, जबकि लहरपुर और बिसवां में भी बड़ी संख्या में मतदाता ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए हैं।

अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नितीश कुमार सिंह ने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान मृतक मतदाताओं, स्थायी रूप से स्थानांतरित लोगों, दोहरे पंजीकरण और अपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर नाम हटाए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद अब दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके तहत यदि कोई पात्र मतदाता सूची से बाहर हो गया है तो वह आवश्यक साक्ष्यों के साथ अपना नाम दोबारा जुड़वा सकता है।
राजनीतिक दृष्टि से भी मतदाता संख्या में आई इतनी बड़ी कटौती को अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसका असर आने वाले चुनावों पर पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन और राजनीतिक दलों, दोनों की नजरें दावा-आपत्ति की प्रक्रिया और उसके बाद जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची पर टिकी हुई हैं।



